COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna
COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

रविवार, 20 मार्च 2016

दिल्ली विधानसभा में सुरंग !

 संक्षिप्त खबरें 
दिल्ली विधानसभा में रहस्यमयी सुरंग मिली है। विधानसभा सत्र जहां चलता है, उसी के नीचे यह सुरंग मिली है, जो लालकिले तक जाती है। बताया जाता है कि लालकिले से कैदियों को इसी सुरंग के जरिये दिल्ली विधानसभा लाया जाता था। यहां उनकी सुनवाई होती थी। यह सुरंग लकड़ी की पट्टियों से बनी है। इस जगह पर एएसआई टीम भी दौरा करेगी। एक कमरा भी खुलवाया गया है, जो 20 सालों से बंद पड़ा था।

राजेश खन्ना के बंगले की जगह बनेगी नयी इमारत

बांद्रा के कार्टर रोड पर 6,500 वर्ग फुट में फैले राजेश खन्ना के बंगले ‘वरदान आशीर्वाद’ को तोड़ा जा रहा है। मंगलोर के रहने वाले बंगले के नये मालिक शशि किरण शेट्टी इसकी जगह नया घर बनाना चाहते हैं। शेट्टी ने इसे 2014 में 95 करोड़ रुपये में खरीदा था। शशि ऑल लॉजिस्टिक्स के सीएमडी और फाउंडर हैं।
उन्होंने बताया कि बंगला करीब 50 साल पुराना है, इसलिए इसकी जगह नयी बिल्डिंग बनायी जाएगी। नयी बिल्डिंग तीन या चार मंजिला होगी।  18 जुलाई, 2012 में राजेश खन्ना के निधन के बाद उनका यह बंगला उनकी बेटियों ट्विंकल और रिंकी के पास था। बाद में दोनों ने इसे बेचने का फैसला किया। राजेश खन्ना के आखिरी समय में लिव इन पार्टनर रहीं अनिता आडवाणी ने भी इस पर अपना दावा किया था। राजेश खन्ना की लिव इन पार्टनर रहीं अनिता आडवाणी ने बंगले के बेचे जाने का विरोध किया था।

सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 में संशोधन को मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 में संशोधन के बारे में गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर विचार किया, जिसमें संसद के माध्यम से अधिनियम को संशोधित करके सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 के तहत गठित बोर्ड तथा समितियों के सदस्यों के चुनाव में मत डालने के लिए वर्ष 1944 में सहजधारी सिखों को दी गई छूट को समाप्त करने का आग्रह किया। 
इसी के अनुरूप केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद के जरिये सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1925 में संशोधन करने के गृह मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जो 08 अक्टूबर, 2003 की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी।

राष्ट्रपति ने सम्मान प्रदान किया

राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में 11 मार्च, 2016 को आयोजित एक समारोह में वर्ष 2015 के लिए संस्कृत, पाली, प्राकृत, अरबी एवं फारसी के विख्यात विद्वानों को सम्मान प्रमाण पत्र एवं युवा विद्वानों को महर्षि बदरायण व्यास सम्मान प्रदान किया।