COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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रविवार, 20 मार्च 2016

दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में युवा पर बल

 खास खबर 
21 जून, 2016 को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी के सिलसिले में सूचना और प्रसारण सचिव सुनील अरोड़ा और आयुष सचिव अजित एम शरण की ओर से संयुक्त बैठक बुलाई गई। इसमंे मीडिया और संचार रणनीति पर चर्चा की गई।  बैठक में प्रसार भारती के सदस्य (कार्मिक) सुरेश चंद्र पंडा, आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी तथा सूचना और प्रसारण मंत्रालय की मीडिया इकाइयों के प्रमुख भी उपस्थित थे ।
बैठक में दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में युवा और योग और जीवन शैली तथा आदतों  के हिस्से के रूप में युवाओं को योग के लाभ से जोड़ने बल दिया जाएगा।  बैठक में  सोशल मीडिया क्षेत्र का लाभ उठाने और टॉकथन के जरिए नई पीढ़ी के लोगों को योग के लाभ के बारे में बताने की रणनीति बनाई गई।
बैठक में फोटो प्रदर्शनी के जरिए योग आसनों तथा इसके लाभ के बारे में बताने पर भी विस्तार से चर्चा की गई। देश के विभिन्न भागों में इस तरह की फोटो प्रदर्शनी आयोजित करने का सुझाव दिया गया। व्यापक पहुंच के लिए दूरदर्शन के माध्यम से आसन पर एनिमेटेड श्रृंखला चलाने का सुझाव भी दिया गया। बैठक में प्रकाशन विभाग की पत्रिका ‘योजना’ में योग आसनों तथा मधुमेह, हृदय रोग तथा तनाव प्रबंधन में योगासनों के लाभ पर विशेष संस्करण निकालने का निर्णय लिया गया।

प्रधानमंत्री उज्जवल योजना को अनुमति 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने बीपीएल परिवारों की महिलाओं को निशुल्क एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने वाली प्रधानमंत्री उज्जवल योजना को अपनी अनुमति दे दी है। योजना के अंतर्गत बीपीएल परिवारों को 5 करोड़ एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए आठ हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है और प्रत्येक बीपीएल परिवार को एलपीजी कनेक्शन के लिए 1,600 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। योग्य बीपीएल परिवारों की पहचान राज्य और संघ शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श द्वारा की जाएगी। योजना का कार्यान्वयन वित्तीय वर्ष 2016-17, 2017-18 और 2018-19 में किया जाएगा। देश के इतिहास में पहली बार पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय निर्धनतम परिवारों की करोड़ो महिलाओं को लाभ पहुंचाने वाली योजना का कार्यान्वयन करेगा। 
देश में निर्धनों की अभी तक खाने पकाने की गैस (एलपीजी) तक सीमित पहुंच रही है। एलपीजी सिलेंडर की पहुंच मुख्य रूप से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक है और इनमें से भी औसतन परिवार मध्यम और समृद्ध वर्ग के हैं। जीवाश्म ईंधन पर आधारित खाना बनाने से स्वास्थ्य से जुडी गंभीर समस्याएं देखी गयी हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अनुमान के मुताबिक, भारत में 5 लाख लोगों की मृत्यु अस्वच्छ जीवाश्म ईंधन के कारण होती है। इनमें से अधिकतर की मृत्यु का कारण गैरसंचारी रोग जैसे क्षय रोग, आघात, दीर्घकालीन प्रतिरोधी फेफड़े संबंधी रोग और फेफड़े का कैंसर शामिल है। घरेलू वायु प्रदूषण बच्चो को होने वाले तीव्र श्वास संबंधी रोगो के लिए बड़ी संख्या में जिम्मेदार है। विशेषज्ञों के अनुसार, रसोई में खुली आग जलाना प्रति घंटे चार सौ सिगरेट जलाने के समान है। 
बीपीएल परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने से देश में खाने पकाने की गैस की पहुंच सभी लोगों तक संभव होगी। इससे महिलाओं का सशक्तिकरण होगा और उनके स्वास्थ्य की रक्षा होगी। इससे खाने बनाने में लगने वाले समय और कठिन परिश्रम को कम करने भी सहायता मिलेगी। योजना से खाने पकाने की गैस के वितरण में कार्यरत ग्रामीण युवाओं को रोजगार भी प्राप्त होगा। 
इस दिशा में वित्त मंत्री ने 29 फरवरी, 1016 को बजट भाषण में गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों की 1.5 करोड़ महिलाओं को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करने के लिए 2,000 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया था। इसके साथ ही बजट में 5 करोड़ परिवारों तक योजना का लाभ पंहुचाने के लिए योजना को दो और वर्ष तक लागू की घोषणा भी की गई।

‘उजाला’ में राष्ट्रीय एलईडी बल्ब योजना को मिला नया रूप

विद्युत, कोयला तथा नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने एलईडी आधारित घरेलू सक्षमता लाइटिंग कार्यक्रम (डीईएलपी) को ‘उजाला’ नाम दिया। डीईएलपी देश के 120 शहरों में सफलतापूर्वक चल रहा है। उजाला ऊर्जा सक्षमता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा लागू किए जा रहे ‘सभी के लिए रियायती एलईडी से उन्नत ज्योति’ कार्यक्रम का संक्षिप्त नाम है। 
माननीय प्रधानमंत्री ने जनवरी, 2015 में राष्ट्रीय एलईडी कार्यक्रम लांच किया था। इसमें 77 करोड़ चमकीले बल्बों को एलईडी बल्ब से बदलना था। उजाला 12 राज्यों - राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी, झारखंड, बिहार तथा उत्तराखंड में सफलतापूर्वक चल रहा है। 
इस अवसर पर पीयूष गोयल ने कहा कि उजाला की घोषणा से हमें प्रसन्नता हुई है। यह भारत में ऊर्जा क्षमता का नया रूप होगा। ऊर्जा क्षमता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) के सतत प्रयास से उजाला एलईडी के प्रति लोगों की धारणा बदलेगी और ऊर्जा सक्षमता बढ़ेगी। यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, क्योंकि इससे भारत को अपने राष्ट्रीय निर्धारित योगदान (आईएनडीसी) के अंतर्गत उत्सर्जन तीव्रता कम करने के संकल्प को पूरा करने में मदद मिलेगी। 
ईईएसएल ने देश में 7.47 करोड़ एलईडी बल्ब दिए हैं। इससे रोजाना 2.66 करोड़ केडब्ल्यूएच ऊर्जा की बचत हो रही है और इससे 1944 मेगावाट से अधिक की पीक मांग को टालने में मदद मिली है। इससे प्रतिदिन 21,550 टन सीओ-2 कम करने में मदद मिली है और अनुमानतः रोजाना 10.64 करोड़ रुपए की लागत बचत हो रही है।