COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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मंगलवार, 3 मई 2016

‘दिल्ली में सुभाष चंद्र बोस का स्मारक बनेगा’

  • नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से जुड़ी 25 फाइलों को सार्वजनिक किया गया
  • वेब पोर्टल www-netajipapers-gov-in पर किया गया जारी
केन्द्रीय संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार) तथा नागर विमानन राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा ने राष्ट्रीय अभिलेखागार, भारत में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस से जुड़ी 25 फाइलों को सार्वजनिक किया और उन्हें वेब पोर्टल www-netajipapers-gov-in पर ऑनलाइन जारी किया। यह नेताजी से जुड़ी सार्वजनिक की गईं फाइलों की तीसरी खेप है। इस अवसर पर मंत्री महोदय ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करने के लिए सरकार दिल्ली में नेताजी सुभाष चन्द्र बोस का स्मारक बनवाएगी।
उन्होंने कहा कि नेताजी से जुड़ी फाइलों को गोपनीयता सूची से हटाकर उन्हें सार्वजनिक करने की एक सतत प्रक्रिया है। इसे लोगों की लगातार की जा रही मांग के मद्देनजर सार्वजनिक किया जा रहा है, ताकि वह इन्हें पढ़ सकें। इसके अलावा सार्वजनिक की गई ये फाइलें स्वतंत्रता संग्राम का नेतृत्व करने वाले सेनानियों पर आगे का शोध करने में उनकी मदद करेंगी।
सार्वजनिक की गईं इन 25 फाइलों की खेप में 05 फाइलें प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से, 05 फाइलें गृह मंत्रालय (एमएचए) से और 15 फाइलें विदेश मंत्रालय (एमईए) से हैं। ये फाइलें 1956 से 2009 की अवधि से संबंधित हैं।
नेताजी से जुड़ी 100 फाइलों की पहली खेप सबसे पहले 23 जनवरी, 2016 को नेताजी के जन्मदिन की 119वीं सालगिरह के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वेब पोर्टल पर सार्वजनिक की गई थी। 50 फाइलों की दूसरी खेप केन्द्रीय संस्कृति (स्वतंत्र प्रभार), पर्यटन (स्वतंत्र प्रभार) तथा नागर विमानन राज्यमंत्री डॉ. महेश शर्मा द्वारा 29 मार्च, 2016 को वेब पोर्टल पर जारी की गई थी।
इन फाइल्स ने उस विशेष रूप से गठित समिति की जांच को पार कर लिया, जिसमें अभिलेखागार क्षेत्र के विशेषज्ञ होते हैं, जो इन पहलुओं पर नजर रखते हैं :
  1. संरक्षण ईकाई के जरिए फाइलों की स्थिति, आवश्यक मरम्मत करने व जहां भी जरूरत हो, संरक्षण के लिए।
  2. वेब पोर्टल पर डिजिटाइज्ड रिकोर्ड्स को अपलोड करने के लिए डिजिटलीकरण की गुणवत्ता सत्यापित करने के लिए
  3. यह जांचना कि फाइलों में कहीं दोहराव तो नहीं है।
  4. इंटरनेट पर शोधार्थियों और आम जनता के इस्तेमाल के लिए जारी किया जाना है। 
1997 में भारतीय राष्ट्रीय अभिलेखागार ने गोपनीय सूची से हटाई गई 990 फाइलें रक्षा मंत्रालय से प्राप्त कीं, जो कि इंडियन नेशनल आर्मी (आजाद हिंद फौज) से संबंधित थीं। 2012 में गृह मंत्रालय से खोसला कमिशन (271 फाइलें व आइटम) और जस्टिस मुखर्जी कमिशन (759 फाइलें व आइटम) से जुड़ी 1030 फाइलें प्राप्त कीं। ये सभी फाइलें व आइटम पहले ही पब्लिक रिकॉर्ड्स नियम, 1997 के तहत जनता के समझ सार्वजनिक हैं।

‘भारत स्वच्छ ऊर्जा में अब विश्व का नेतृत्व करेगा’

  • सीएसटी और सौर कुकर उत्कृष्टता पुरस्कार-2016 प्रदान किए गए
बिजली, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री पीयूष गोयल ने सीएसटी और सोलर कुकर उत्कृष्टता पुरस्कार-2016 से सम्मानित 102 व्यक्तियों का अभिनंदन किया। श्री गोयल ने इस अवसर पर संकेंद्रित सौर तापीय प्रौद्योगिकी (सीएसटी) के बारे में सूचना प्रदान करने के लिए कई विशेषज्ञों द्वारा मिलान किए गए 9 ज्ञान दस्तावेज भी जारी किए। 
इस अवसर पर श्री पीयूष गोयल ने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के संबंध में भारत अब विश्व का अनुसरण नहीं, बल्कि नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा, “ग्रिड से कनेक्टिड 21 जीडब्ल्यू नई सौर परियोजनाओं के बाजार में उतरने के साथ ही भारत ने विश्व को संकेत दिया है कि वह अब छलांग लगाने को तैयार है।” 
श्री गोयल ने कहा कि सौर कार्यक्रम हमारे देश में सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा को ही सुनिश्चित नहीं करेगा, बल्कि पिरामिड के सबसे निचले स्तर पर मौजूद अंतिम व्यक्ति तक बिजली पहुंचाएगा। पुरस्कार विजेताओं की सराहना करते हुए श्री गोयल ने कहा कि ऐसी परियोजनाएं समग्र सौर लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। 
श्री गोयल ने दोहराया कि भारतीय सौर लक्ष्यों की प्राप्ति संभव है। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल हम अपने सौर लक्ष्यों को 116 प्रतिशत तक प्राप्त कर चुके हैं और 11000 मेगावॉट की परियोजनाएं पहले ही प्रदान कर चुके हैं। ये पुरस्कार राज्य नोडल एजेंसियों, प्रौद्योगिकी के विनिर्माताओं, आपूर्तिकर्ताओं तथा लाभार्थियों की व्यापक रेंज सहित विभिन्न हितधारक समूहों को इस क्षेत्र में उनके द्वारा प्राप्त की गई उपलब्धियों का अभिनंदन करने के लिए प्रदान किए गए हैं। 
उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह ऑफ-ग्रिड और विकेंद्रीकृत सौर अनुप्रयोग के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों को पहचान दिलाने के लिए नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा सीएसटी और सौर कुकर पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला का अंग है। 
इस समारोह में श्री उपेन्द्र त्रिपाठी, सचिव, एमएनआरई, श्री जैको सिलियर्स, कंट्री डायरेक्टर, यूएनडीपी, सुश्री अयुमी फुजिनो, यूएनआईडीओ प्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय निदेशक तथा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। 
पृष्ठभूमि : नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) राष्ट्रीय सौर मिशन के “ऑफ-ग्रिड और विकेंद्रीकृत सौर अनुप्रयोग” कार्यक्रम के अंतर्गत संकेंद्रित सौर तापीय प्रौद्योगिकी (सीएसटी) पर कार्यक्रम का कार्यान्वयन कर रहा है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य औद्योगिक क्षेत्रों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य संस्थाओं में सीएसटी प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों को बढ़ावा देना है। सीएसटी प्रौद्योगिकियां कम्यूनिटी कुकिंग, लॉन्ड्री, स्पेस कूलिंग आदि जैसे विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए 90 से 300 डिग्री सेल्सियस तापमान की रेंज में विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए स्टीम, हॉट ऑयल, दाब जल में उपयोग में लाई जा सकती हैं।