COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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रविवार, 8 मई 2016

अब फेसबुक पर मंत्रियों से सीधे करें बात

सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्द्धन सिंह राठौर ने एक लाइव फेसबुक क्यू एंड ए (प्रश्नोत्तर) में भाग लिया। कर्नल राठौर ने देश के विभिन्न हिस्सों के लोगों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए। संपर्क बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देते हुए मंत्री महोदय ने नागरिकों से अपील की कि वे Mygov-in और नमो एप्प पर नियमित आधार पर सरकार के साथ वार्तालाप कर सकते हैं और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम मन की बात के लिए प्रश्न और विषय भेज सकते हैं। उन्होंने लोगों से सभी मंत्रियों के सोशल मीडिया पेजों पर संपर्क बनाए रखने की भी अपील की।
विकास और संचार पर सरकार की परिकल्पना को नागरिकों के साथ बाटते हुए, कर्नल राठौर ने दोहराया कि नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के अंतर्गत वर्तमान सरकार प्रत्येक संभव माध्मय से प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचने, सरकारी नीतियों और योजनाओं की जानकारी से उन्हें सशक्त बनाने और इन योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार तक इसकी प्रतिक्रिया पहुंचाने के प्रति वचनबद्ध है।
रात्रि 9.30 बजे प्रारंभ हुए एक घंटे के वार्तालाप सत्र के दौरान कर्नल राठौर ने सूचना और प्रसारण, मीडिया, संचार, संकट, सार्वजनिक नीति, रक्षा तैयारियां, सीमा-सुरक्षा, साइबर खतरों, ओलंपिक, कौशल विकास और रोजगार सृजन के विभिन्न पक्षों पर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए। मंत्री महोदय ने इस लाइव वार्तालाप के दौरान विभिन्न विषयों पर लोगों के बहुत से सुझाव भी प्राप्त किए।
सत्र के अंत में, मंत्री महोदय ने फेसबुक वीडियो पर लाइव उपस्थिति के माध्यम से अपने साथ वार्तालाप करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने यह भी कहा कि यह लोगों से जुड़ने और उन तक पहुंचने का एक महत्वपूर्ण और रोचक माध्यम है। कर्नल राठौर ने कहा कि वह इस प्रकार के लाइव वार्तालाप के लिए सोशल मीडिया मंचों का उपयोग करने की अन्य मंत्रियों से भी अपील करेंगे।
अपने प्रथम फेसबुक क्यू एंड ए में मंत्री महोदय ने एक घंटे के इस सत्र के दौरान पूछे गए कुल 1453 प्रश्नों में से 65 प्रश्नों के उत्तर अंग्रेजी और हिन्दी में दिए। कर्नल राठौर के फेसबुक पर लाइव वीडियो को 12 हजार से ज्यादा सुझाव मिले और इस अवधि के दौरान करीब 6 हजार लोगों ने उन्हें लाइक किया।
इस क्यू एंड ए कार्यक्रम का संयुक्त रूप से आयोजन सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय के न्यू मीडिया सेल की सोशल मीडिया टीम और फेसबुक के द्वारा किया गया था। इस समूचे क्यू एंड ए कार्यक्रम को देखने के लिए निम्नलिखित लिंक पर जा सकते हैं : https://www-facebook-com/Rathore/posts/1783832128506184 

नमामि गंगे के लिए 2446 करोड़ रुपये की मंजूरी 

नमामि गंगे कार्यक्रम को महत्वपूर्ण गति प्रदान करते हुए राष्ट्रीय गंगा नदी घाटी प्राधिकरण की अधिकार प्राप्त संचालन समिति ने उत्तराखंड में हरिद्वार से उत्तराखंड की सीमा तक, उत्तर प्रदेश में गढ़मुक्तेश्वर, बिहार में बक्सर, हाजीपुर और सोनपुर, झारखंड में साहेबगंज, राजमहल और कन्हैया घाट में गंगा के तट पर तथा दिल्ली में यमुना पर घाटों और श्मशान स्थलों के विकास की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर 2446 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन स्थानों पर घाटों और श्मशान स्थलों के विकास से गंगा और यमुना में प्रदूषण में कमी आयेगी। इन सभी परियोजनाओं को केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत कार्यान्वित किया जाएगा और इनका पूरा खर्चा केंद्र सरकार उठायेगी। 
संचालन समिति ने गंगा के किनारे वन लगाए जाने के बारे में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट की भी समीक्षा की। इस रिपोर्ट में गंगा के किनारे बड़ी मात्रा में वनों का निर्माण करके नदी में जल प्रवाह को बढ़ाने और प्रदूषण को कम करने के सुझाव दिए गए हैं। इसके अलावा इसमें गंगा के किनारे के पांच राज्यों में गंगा से संबंधित विभिन्न अध्ययनों को बढ़ावा देना और इस परियोजना की सफलता को देश की अन्य नदियों के संबंध में इस्तेमाल किया जाना शामिल है। इस परियोजना पर पांच वर्ष की अवधि के दौरान 2294 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 
मंजूर की गई सभी परियोजनाओं की समीक्षा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों के समूह द्वारा गठित स्वतंत्र इकाईयों द्वारा की गई। गंगा के किनारे वन लगाने के उपायों की समीक्षा वन और पर्यावरण मंत्रालय के महानिदेशक की अध्यक्षता में गठित समिति ने की। 
अधिकार प्राप्त संचालन समिति की अध्यक्षता केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के सचिव करते हैं। समिति के अन्य सदस्यों में केंद्रीय वन और पर्यावरण, वित्त, शहरी विकास और विद्युत मंत्रालय के प्रतिनिधियों के अलावा गंगा किनारे के पांच राज्यों के प्रतिनिधि भी शामिल हैं। 
यहां यह उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री सुश्री उमा भारती दैनिक आधार पर स्वयं नमामि गंगे कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा कर रही हैं, ताकि इस कार्यक्रम की सफलता मिशन मोड पर सुनिश्चित की जा सके। हाल ही में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन में नए मिशन निदेशक की नियुक्ति भी की गई है। यह पद पिछले कुछ महीनों से रिक्त था। 

आज बुध ग्रह सूर्य के नक्षत्र मंडल के ऊपर से गुजरेगा 

9 मई, 2016 (19 वैशाख, शक 1938) को बुध ग्रह सूर्य के नक्षत्र मंडल के ऊपर से गुजरेगा। यह घटना भारत में देखी जा सकती है। सूर्य के नक्षत्र मंडल के ऊपर से बुध ग्रह के गुजरने की घटना तब होती है, जब बुध ग्रह सूर्य के एक किनारे से दूसरे किनारे जाते समय अत्यंत छोटा काला धब्बा दिखता है।
इस घटना को पृथ्वी से तब देखा जाता है, जब बुध ग्रह सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है। यह तभी होता है, जब सूर्य, बुध ग्रह और पृथ्वी एक सीध में हों। सौर मंडल में बुध ग्रह एक धब्बा के रूप में दिखता है, क्योंकि सूर्य की तुलना में इसका कोणीय आकार बहुत छोटा होता है।
बुध ग्रह की यात्रा (सम्पर्क-1) उस क्षण शुरू होती है, जब बुध ग्रह सूर्य (प्रवेश बाह्य) को स्पर्श करता है। इसके बाद (सम्पर्क-2) आतंरिक रूप से बुध ग्रह सूर्य (प्रवेश आतंरिक) का स्पर्श करता है। बुध काले धब्बे के रूप में दिखेगा। कई घंटों की यात्रा के बाद बुध ग्रह तीसरे सम्पर्क में सूर्य के दूसरे छोर पहुंचेगा। यह तब होता है, जब बुध ग्रह आतंरिक रूप से सूर्य के करीब (प्रवेश आतंरिक) होता है और अंततरू यात्रा तब पूरी होती है, जब बुध ग्रह सूर्य (प्रवेश बाह्य) का स्पर्श करता है।
यह घटना अनूठी होती है और पूरी शताब्दी में 13 या 14 बार घटती है। यह अदभूत घटना मई तथा नवम्बर के महीने में होती है। एक पारगमन से दूसरे पारगमन के बीच का मध्यान्तर 7, 13 या 33 वर्ष का हो सकता है, जबकि मई से अगली मई तक की यात्रा 13 या 33 वर्षों के अंतराल पर होती है।
सूर्य के नक्षत्र मंडल के ऊपर से बुध ग्रह के गुजरने की यह घटना एशिया के अधिकतर हिस्सों (दक्षिण-पूर्वी भागों तथा जापान को छोड़कर), यूरोप, अफ्रीका, ग्रीनलैंड, दक्षिण अमरीका, उत्तर अमरीका, आर्किटिक, उत्तर अटलांटिक महासागर तथा प्रशांत महासागर के अधिकतर हिस्सों में देखी जा सकती है।
भारत में प्रवेश बाह्य (सम्पर्क-1) तथा प्रवेश आतंरिक (सम्पर्क-2) की यह घटना सभी स्थानों से दिखेगी। बुध ग्रह के गुजरने का सम्पूर्ण समय 7 घंटे 30 मिनट का होगा। भारत में पर्यवेक्षक घटना की समाप्ति नहीं देख सकेंगे, क्योंकि यह घटना सूर्यास्त के बाद जारी रहेगी।
भारत के विभिन्न भागों में सूर्यास्त के समयानुसार भारत के सुदूर-पूर्व स्थित पर्यवेक्षक इस अदभूत घटना को शुरू से एक घंटे के लिए देख सकेंगे और देश के सुदूर-पश्चिम में पर्यवेक्षक इस घटना को शुरू से दो घंटे 45 मिनट तक देख सकेंगे।
दिल्ली में यह घटना 2 घंटे 20 मिनट की होगी और यह सायं 04 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी। सूर्यास्त 07 बजकर 01 मिनट पर होगा। इसी तरह कोलकाता में यह घटना शाम 04 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी और एक घंटा 26 मिनट तक रहेगी। मुम्बई में इसकी शुरूआत शाम 04 बजकर 41 मिनट पर होगी और इसे 02 घंटा 24 मिनट तक देखा जा सकेगा। चेन्नई में यह शाम 04 बजकर 41 मिनट पर शुरू होगी और लगभग 01 घंटा 45 मिनट तक देखा जा सकेगा।