COPYRIGHT © RAJIV MANI, Journalist, Patna

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बुधवार, 6 जुलाई 2016

राष्ट्रपति भवन खोलेगा तीन पर्यटक सर्किट

 संक्षिप्त खबर 
नई दिल्ली : राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति की सचिव ओमिता पॉल ने 24 प्रसिद्ध यात्रा संचालकों (टूर ऑपरेटर्स) के साथ बैठक की। ये बैठक राष्ट्रपति भवन के अंदर बनाए जा रहे तीन पर्यटक सर्किट (क्षेत्रों) के प्रचार के लिए की गई थी। पर्यटन के ये तीन क्षेत्र राष्ट्रपति भवन का मुख्य भवन, संग्रहालय और उद्यान होंगे। यहां आने वाले आगंतुक इन तीनों में से एक या सभी को एकसाथ देख पाएंगे। 
इन सर्किट का उद्घाटन 25 जुलाई, 2016 को किया जाएगा। यात्रा संचालकों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति सचिव ओमिता पॉल ने कहा कि राष्ट्रपति भवन मुख्य पर्यटक स्थल के तौर पर सेवा देने की दिशा में आगे देख रहा है। उन्होंने टूर ऑपरेटर्स से अधिक जागरूकता फैलाने और भारत से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी आगंतुकों को आकर्षित करने को कहा। राष्ट्रपति की सचिव ने टूर ऑपरेटर्स को जानकारी दी कि जुलाई, 2012 में 13वें सभापतित्व से ही महामहिम राष्ट्रपति श्री प्रणव मुखर्जी के प्रयास राष्ट्रपति भवन के हर पहलू के रहस्यों से परदा हटाने और इसे आम जनता के नजदीक लाने के रहे हैं। 

रेलमंत्री ने “निवारण” पोर्टल शुरू किया

नई दिल्ली : रेलभवन में आयोजित एक कार्यक्रम में रेलमंत्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने औपचारिक रूप से निवारण पोर्टल शुरू किया। ये पोर्टल सेवारत कर्मचारियों और पूर्व रेल कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए एक ऑनलाइन प्रणाली है। इस अवसर पर राज्य रेल मंत्री मनोज सिन्हा, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एके मित्तल, रेलवे स्टॉफ बोर्ड के सदस्य प्रदीप कुमार, अन्य रेलवे बोर्ड के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे। रेलवे महासंघ और संघ के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। 

‘तेजस‘ भारतीय वायु सेना के 45वें स्क्वाड्रन में शामिल 

नई दिल्ली : हल्का लड़ाकू विमान ‘तेजस‘ 01 जुलाई, 2016 को भारतीय वायु सेना के 45वें स्क्वाड्रन में शामिल हो गया। 45वें स्क्वाड्रन को ‘फ्लाइंड डैगर्स‘ कहा जाता है। पहले यह स्क्वाड्रन एमऐआईजी 21 बीआईएस विमान से सुसज्जित था और इसका संचालन नलिया से किया जाता था। इसका नारा है “अजीत नभ“। लगभग दो वर्षों तक इस विमान का संचालन बंगलुरु से किया जाएगा। इसके बाद संचालन कोयम्बटूर के निकट निर्धारित स्थान सुलुर से किया जाएगा। यह पहला लड़ाकू विमान है, जो तिरुअनंतपुरम स्थित भारतीय वायु सेना के दक्षिणि एयर कमान का हिस्सा होगा।